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Jamin Registry Kaise Hota Hai, जमीन रजिस्ट्री कैसे करवाएं, जमीन रजिस्ट्री कैसे चेक करें ?

आज हम जानेंगे की Jamin Registry Kaise Hota Hai, जमीन रजिस्ट्री कैसे करवाएं, जमीन रजिस्ट्री कैसे चेक करें, , Jamin Registry Fee in Bihar, के बारे में जानना चाहते है तो इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें। 

Jamin Registry Kaise Hota Hai|जमीन रजिस्ट्री कैसे होता हैं ?

Jamin Registry Kaise Hota Hai: इसके बारे में विस्तार से जानेंगे। बहुत लोगों ने ये पूछा है कि जमीन की Registry कैसे कराये। ये पोस्ट उन्ही सभी लोगों के लिए है। अगर आप जमीन बेचना या फिर खरीदना चाहते हैं तो उसका रजिस्ट्री कैसे कराते हैं। साथ में आपको ये भी बताएँगे कि रजिस्ट्री करवाने के लिए कौन-कौन सा पेपर जरुरी होता है आपको लेकर जाना अनिवार्य होता है। जमीन खरीदने या फिर बेचने से पहले बहुत सी सावधानी बरतनी होती है, नहीं तो आपके साथ भी धोखा हो सकते हैं।

जमीन की रजिस्ट्री करवाने के बारे में अधिकांश लोग नहीं जानते। इसमें जो पहली बार जमीन खरीद या बेच रहा है वो अनजान ही रहते है। रजिस्ट्री में क्या क्या दस्तावेज लगते है और इसकी प्रक्रिया क्या रहती है ? रजिस्ट्री करवाने में किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए यहाँ हम सभी बातों को बताएँगे। तो खेत, प्लाट या घर की रजिस्ट्री कैसे होती है इसे जानने के लिए इस पोस्ट को ध्यान से पूरा जरूर पढ़ें।

जमीन की रजिस्ट्री करवाने के लिए क्या करना पड़ता है?

जब आप जमीन की रजिस्ट्री करवाने की सोच रहे हैं, तो निम्नलिखित चेकलिस्ट के आधार पर कुछ महत्वपूर्ण चेक करना अच्छा होगा:

Step-1 संपत्ति का स्वामित्व (Property Ownership): यह सुनिश्चित करें कि आप वास्तविक मालिक हैं और आपके पास संपत्ति के स्वामित्व के सभी आवश्यक दस्तावेज़ हैं।

Step-2 संपत्ति की सत्यापित करें (Verify Property): जांचें कि क्या संपत्ति के वास्तविक मालिक द्वारा प्रदान किया गया विवरण सही है। संपत्ति की सीमाओं, आकार, स्थान और नक्शा को भी सत्यापित करें।

Step-3 बाधाओं की जांच (Check for Constraints): सुनिश्चित करें कि कोई कानूनी या विधिक समस्याएं जैसे कि वारिसी के दावे, लीन, अवैध कब्ज़ा या किसी प्राकृतिक आपदा के लिए कोई बाधा नहीं है।

Step-4 दस्तावेज़ सत्यापन (Document Verification): आवश्यक दस्तावेज़ जैसे कि संपत्ति का ख़रीदारी संबंधित दस्तावेज़, पूर्व रजिस्ट्री प्रमाणपत्र, खुदरा विलेखन अनुबंध, नियमित पट्टा, नक्शा, टैक्स भुगतान के प्रमाणपत्र, आदि को सत्यापित करें।

Step-5 लीन और ऋण की सत्यापन (Lien And Loan Verification): यदि जमीन पर कोई लीन या बैंक ऋण है, तो उसकी सत्यापन करें। इसके लिए बैंक या वित्तीय संस्था से संपर्क करें और वित्तीय प्रतिबंधों की सत्यापन करें।

Step-6 वसूली का प्रमाणीकरण (Certification of Recovery): यदि किसी व्यक्ति या संस्था द्वारा कोई वसूली की गई हो, तो उसकी सत्यापन करें और वसूली प्राप्ति के प्रमाण पत्रों की कॉपी प्राप्त करें।

Step-7 प्राकृतिक संपत्ति की जांच (Natural Property Test): यदि जमीन पर कोई प्राकृतिक संपत्ति है, जैसे कि पेड़, वृक्ष, जलवायु संपत्ति, या अन्य जल मार्ग, तो इनकी सत्यापन करें और उन पर कोई अवैध कब्जा नहीं है।

Step-8 अधिकार-प्राप्ति करें (Get Rights): सत्यापित करें कि क्या संपत्ति का विकासाधिकार, मंजूरी, बागायत या अन्य सम्पत्ति अधिकार किसी व्यक्ति, संस्था, या सरकारी निकाय द्वारा प्राप्त किया गया है।

Jamin Registry Ka Niyam- भूमि रजिस्ट्री की जानकारी

भारतीय कानून के अनुसार, जमीन की रजिस्ट्री के लिए निम्नलिखित नियम और विधियां हो सकती हैं:

1. संपत्ति के दस्तावेज़ (Property Documents): रजिस्ट्री के लिए, संपत्ति के सभी मालिकों के पास आवश्यक दस्तावेज़ होने चाहिए, जिनमें उनकी पहचान प्रमाणित करने वाले दस्तावेज़ और संपत्ति के स्वामित्व के प्रमाणित करने वाले दस्तावेज़ शामिल हो सकते हैं।

2. दर्जा (Status): संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए आपको अपने स्थानीय रजिस्ट्रार कार्यालय में आवेदन करना होगा। इसके लिए आपको आवेदन फॉर्म भरकर आवेदन करना होगा और साथ ही आवश्यक दस्तावेज़ों की प्रतिलिपि साथ जमा करनी होगी।

3. भूमि रेकॉर्ड (Land Record): आपको स्थानीय भूमि रेकॉर्ड ऑफिस में जा कर संपत्ति की विवरणों, सीमाओं, पूर्व रजिस्ट्री प्रमाणपत्र और अन्य संबंधित दस्तावेज़ों की सत्यापन करनी होगी।

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4. दस्तावेज़ों की सत्यापन (Verification of Documents): रजिस्ट्री के लिए आवश्यक दस्तावेज़ों की सत्यापन करना महत्वपूर्ण होता है।

5. दायित्व और बकाया भुगतान (Liabilities and Dues): संपत्ति की रजिस्ट्री से पहले, आपको सुनिश्चित करना होगा कि संपत्ति पर किसी भी पिछले दायित्व या बकाया भुगतान की कोई पेंडिंग राशि नहीं है। इसके लिए आपको विशेषज्ञों द्वारा लिया गया न्यायिक प्रमाणपत्र, दस्तावेज़ और समर्थन प्राप्त करने की आवश्यकता हो सकती है।

6. समय सीमा और शुल्क (Time Limit and Fee): रजिस्ट्री के लिए आपको निर्धारित समय सीमा और शुल्क के बारे में जानकारी प्राप्त करनी चाहिए। यह विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों में अलग-अलग हो सकता है।

Jamin Registry Me Kitna Paisa Lagta Hai – जमीन रजिस्ट्री की फीस बिहार 

रजिस्ट्री शुल्क (Registry Fee): जब आप जमीन की रजिस्ट्री करवाने के लिए आवेदन करते हैं, आपको रजिस्ट्री शुल्क का भुगतान करना होगा। इसकी राशि भूमि के क्षेत्र और उपयोग पर निर्भर करेगी। यह शुल्क स्थानीय प्रशासनिक नियमावली के अनुसार निर्धारित किया जाता है। आपको अनुमान के लिए हम बता दे की जमीन का जितना वैल्यू बनता हैं उसका करीब 8-12% के बिच में रजिस्ट्री फीस आता हैं। 

Jamin Registry Me Required Documents

जमीन रजिस्ट्री के लिए आवश्यक दस्तावेज़ों की सूची निम्नलिखित है:

1. खरीदार और बेचने वाले के पहचान प्रमाण पत्र: आधार कार्ड, पासपोर्ट, वोटर आईडी कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस आदि।

2. खरीदार और बेचने वाले के विवरण: नाम, पता, फ़ोन नंबर, पिता/पति का नाम, और विवरण।

3. जमीन का प्रमाणपत्र: खरीदार के पास वैध जमीन का प्रमाणपत्र होना चाहिए, जैसे कि खसरा, खतौनी, रेवन्यू रिकॉर्ड, या अन्य सम्बंधित दस्तावेज़।

4. नक्शा: जमीन का विस्तृत नक्शा जिसमें सीमाओं, पथों, और संपत्ति की विवरणिका शामिल हो, आवश्यक हो सकता है।

5. पूर्व मालिक के दस्तावेज़: पूर्व मालिक द्वारा हस्तांतरण की पुष्टि करने वाले दस्तावेज़ जैसे कि विक्रय पत्र, समझौता पत्र, पूर्व मालिक के पहचान प्रमाण पत्र आदि।

6. भू-अभिलेख और नो-द्विधा प्रमाण पत्र: जमीन के संबंध में भू-अभिलेख, नो-द्विधा प्रमाण पत्र, लेगल वारंट आदि।

खेत, प्लाट या घर की रजिस्ट्री कैसे होती हैं?

खेत, प्लाट या घर की रजिस्ट्री की प्रक्रिया भारतीय कानून के तहत निर्धारित होती है। रजिस्ट्री करवाने की प्रक्रिया निम्नलिखित चरणों पर आधारित होती है:

1. दस्तावेजों की तैयारी (Preparation of Documents): रजिस्ट्री करवाने की प्रक्रिया में, संपत्ति के सभी मालिकों को अपनी पहचान प्रमाणित करने वाले दस्तावेज़ जैसे कि पहचान पत्र, पासपोर्ट, वोटर आईडी कार्ड, आधार कार्ड आदि की प्रतिलिपि तैयार करनी होती है। इसके साथ ही, संपत्ति के स्वामित्व की प्रमाणित करने वाले दस्तावेज़ जैसे कि खरीद-बिक्री दस्तावेज़, अधिग्रहण पत्र, संपत्ति का पहले के मालिक से संबंधित दस्तावेज़ आदि की प्रतिलिपि भी तैयार की जाती है।

2. रजिस्ट्रार कार्यालय में आवेदन (Application to the Registrar’s Office): दस्तावेजों की तैयारी के बाद, आपको स्थानीय रजिस्ट्रार कार्यालय में जाकर रजिस्ट्री के लिए आवेदन करना होगा। आपको आवेदन फॉर्म भरकर आवेदन करना होगा और सभी आवश्यक दस्तावेज़ों की प्रतिलिपि का साथ जमा करना होगा।

3. दस्तावेज़ों की सत्यापन (Verification of Documents): आपके द्वारा जमा किए गए दस्तावेज़ों की सत्यापन की प्रक्रिया होगी। रजिस्ट्रार कार्यालय के अधिकारी आपके द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तावेज़ों की सत्यापन करेंगे और संपत्ति के स्वामित्व, आकार, सीमाएं, पूर्व रजिस्ट्री प्रमाणपत्र आदि की जांच करेंगे।

4. रजिस्ट्री शुल्क का भुगतान (Payment of Registry Fee): रजिस्ट्री के लिए आपको रजिस्ट्री शुल्क का भुगतान करना होगा। इस शुल्क की राशि भूमि के क्षेत्र और उपयोग पर निर्भर करेगी और यह स्थानीय नियमावली द्वारा निर्धारित की जाती है।

5. रजिस्ट्री प्रमाणपत्र (Registry Certificate): जब सभी दस्तावेज़ों की सत्यापन और शुल्क के भुगतान की प्रक्रिया पूरी होती है, तब रजिस्ट्रार कार्यालय आपको रजिस्ट्री प्रमाणपत्र प्रदान करेगा। इस प्रमाणपत्र में संपत्ति का विवरण, मालिक का नाम, संपत्ति का स्थान आदि होते हैं। इस प्रमाणपत्र को आपको सुरक्षित रखना चाहिए, क्योंकि यह संपत्ति के आपके स्वामित्व की पुष्टि करता है।

6. दाखिल-ख़ारिज का कार्य: रजिस्ट्री के पश्चात, आपको दाखिल-ख़ारिज का कार्य पूरा करना होगा। इसमें संपत्ति का विवरण, मालिक का नाम, संपत्ति का स्थान, समय सीमा आदि जानकारी शामिल होगी। आपको रजिस्ट्रार कार्यालय में इसके लिए आवेदन करना होगा और अद्यतन दस्तावेज़ और फीस का भुगतान करना होगा।

7. रजिस्ट्री का पंजीकरण (Registration of Registry): रजिस्ट्री करवाने के पश्चात, आपकी संपत्ति की विवरणों को रजिस्ट्री के पंजीकरण के लिए संग्रहीत किया जाएगा। इसमें संपत्ति का विवरण, मालिक का नाम, संपत्ति का स्थान, समय सीमा आदि जानकारी शामिल होगी। यह पंजीकरण संपत्ति के आपके स्वामित्व को सार्वजनिक रूप से पुष्टि करेगा।

8. रजिस्ट्री का प्रमाणपत्र प्राप्त करें (Bbtain Certificate of Registry): रजिस्ट्री प्रक्रिया के समाप्त होने के बाद, आपको रजिस्ट्री का प्रमाणपत्र प्राप्त करना होगा। इस प्रमाणपत्र में संपत्ति का विवरण, मालिक का नाम, संपत्ति का स्थान आदि होते हैं।

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Jamin Registry Ka Shubh Din |जमीन रजिस्ट्री कैसे करवाएं

जमीन रजिस्ट्री का शुभ दिन धार्मिक और पंचांगिक आधार पर निर्धारित किया जाता है। यह दिन विभिन्न कारकों पर आधारित होता है जैसे कि तिथि, मुहूर्त, नक्षत्र, ग्रहों की स्थिति आदि। विभिन्न धार्मिक समुदायों में भी ये दिन अलग-अलग हो सकते हैं। यहां कुछ सामान्य ज्ञान के माध्यम से जमीन रजिस्ट्री के लिए शुभ माने जाने वाले दिनों का उल्लेख किया जा रहा है:

1. हिंदू कैलेंडर (पंचांग): ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि, एकादशी तिथि को नवमी से शुरू होने वाले व्यापारिक मास के पहले सोमवार, विक्रम संवत् के अनुसार पुष्य मास के शुक्ल पक्ष का एकादशी आदि कुछ दिन शुभ माने जाते हैं।

2. इस्लामी कैलेंडर (हिजरी): जुमेरात-उल-आव्वल, जुमेरात-उल-अखिर, रजब, शाबान, रमजान आदि कुछ महीनों के दिन शुभ माने जाते हैं।

3. सिख कैलेंडर: वैसाख मास के पहले सोमवार, दिवाली के पूर्व, बैशाखी आदि कुछ दिन शुभ माने जमीन रजिस्ट्री का शुभ दिन विभिन्न कारकों पर आधारित होता है। इसके अलावा, क्षेत्र के स्थानीय नियमों, कानूनों और प्रदेशिक धार्मिक आदर्शों के अनुसार भी शुभ दिन का चयन होता है। 

Jamin Registry Muhurat 2023 |Muhurat For Property Registration

मुद्रास्तर के अनुसार, वर्ष 2023 में जमीन रजिस्ट्री के लिए कुछ शुभ मुहूर्त हैं। यह मुहूर्त दिनांक, तिथि, दिन और समय के अनुसार विभाजित होते हैं। आपके स्थान के अनुसार इन मुहूर्तों की जांच करने के लिए आपको स्थानीय पंचांग, वैदिक ज्योतिष, या एक पंडित से परामर्श करना चाहिए। नीचे, कुछ 2023 में जमीन रजिस्ट्री के शुभ मुहूर्तों का उल्लेख किया गया है:

1. 12 जनवरी 2023 (गुरुवार)
समय: पूर्वाह्न 11:20 से 12:10
तिथि: पौष कृष्णा द्वादशी

2. 26 फरवरी 2023 (मंगलवार)
समय: पूर्वाह्न 10:45 से 11:30
तिथि: माघ शुक्ल पंचमी

3. 15 मार्च 2023 (बुधवार)
समय: पूर्वाह्न 09:30 से 10:20
तिथि: फाल्गुन कृष्णा द्वादशी

4. 31 अप्रैल 2023 (सोमवार)
समय: पूर्वाह्न 09:00 से 09:45
तिथि: वैशाख शुक्ल पंचमी

5. 14 जुलाई 2023 (शुक्रवार)
समय: पूर्वाह्न 10:45 से 11:30
तिथि: आषाढ़ शुक्ल पंचमी

कृपया ध्यान दें कि शुभ मुहूर्त वर्ष, मास, तिथि, दिन और समय के आधार पर निर्धारित किए जाते हैं। शुभ मुहूर्त ज्योतिषीय गणित, ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति, पंचांग आदि के आधार पर निर्धारित किए जाते हैं। निम्नलिखित आगामी माहों में जमीन रजिस्ट्री के लिए शुभ मुहूर्त उपलब्ध हो सकते हैं:

  • सितंबर 2023:
    – 1 सितंबर 2023 (शुक्रवार)
    – 2 सितंबर 2023 (शनिवार)
    – 6 सितंबर 2023 (बुधवार)
    – 7 सितंबर 2023 (गुरुवार)
    – 13 सितंबर 2023 (बुधवार)
    – 14 सितंबर 2023 (गुरुवार)
    – 15 सितंबर 2023 (शुक्रवार)
    – 20 सितंबर 2023 (बुधवार)
    – 21 सितंबर 2023 (गुरुवार)
    – 22 सितंबर 2023 (शुक्रवार)
    – 27 सितंबर 2023 (बुधवार)
    – 28 सितंबर 2023 (गुरुवार)
    – 29 सितंबर 2023 (शुक्रवार)
  •  अक्टूबर 2023:
    – 4 अक्टूबर 2023 (बुधवार)
    – 5 अक्टूबर 2023 (गुरुवार)
    – 6 अक्टूबर 2023 (शुक्रवार)
    – 11 अक्टूबर 2023 (बुधवार)
    – 12 अक्टूबर 2023 (गुरुवार)

कृपया ध्यान दें कि यह मुहूर्त उपर्युक्त ज्योतिषीय गणित और पंचांग के आधार पर निर्धारित किए गए हैं।

Jamin Ki Registry Kaise Check Kare – जमीन रजिस्ट्री कैसे चेक करें।

जमीन की रजिस्ट्री की जानकारी को चेक करने के लिए निम्नलिखित कदम अनुसरण करें:

1. जिला रजिस्ट्रार कार्यालय की वेबसाइट चेक करें: आपके जिले में जिला रजिस्ट्रार कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और जमीन के रजिस्ट्री के लिए ऑनलाइन सुविधा की जांच करें। कई राज्यों में, ऑनलाइन जमीन रजिस्ट्री की सुविधा उपलब्ध होती है, जिसमें आप जमीन के विवरण और मालिक के नाम सहित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

2. भूमि रिकॉर्ड कार्यालय चेक करें: आपके क्षेत्र में स्थानीय भूमि रिकॉर्ड कार्यालय (Land Record Office) का पता करें और वहां जमीन की रजिस्ट्री की जानकारी के लिए यात्रा करें। आपको जमीन के प्रमाणपत्र, खसरा संख्या, खाता संख्या, या जमाबंदी की विवरण जैसी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

3. जमाबंदी पत्र चेक करें: जमाबंदी पत्र एक आधिकारिक दस्तावेज़ होता है जिसमें जमीन की विवरण और स्वामित्व की जानकारी होती है

4. जमीन की खतौनी चेक करें: आपको जमीन की खतौनी (Land Records) की जानकारी प्राप्त करनी चाहिए। खतौनी रिकॉर्ड में जमीन के संपत्ति और मालिक की विवरण, जमीन का माप, भूमि का उपयोग आदि शामिल होते हैं। आपको अपने क्षेत्र में स्थानीय भूलेख कार्यालय (Bhulekh Office) में जाकर खतौनी रिकॉर्ड की प्रतिलिपि या जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

Jamin Ki Registry Kaise Check Kare – online registry kaise check karen

अगर आप बिहार से हैं और जमीन का रजिस्ट्री चेक करना चाहते हैं तो बहुत ही आसानी से चेक कर सकते हैं, इसके आपको बिहार सरकार के ऑफिसियल वेबसाइट www.bhumijankari.bihar.gov.in पर जाना होगा। और यहाँ आपसे आपके एरिया से सम्बंधित कुछ जानकारी माँगा जायेगा जहाँ का आप रजिस्ट्री के बारे में जानना चाहते हैं। उसके बाद Search पर क्लिक करने के बाद सभी जानकारी आपके सामने आ जायेगा। 

अंत में 

आज के इस आर्टिकल में आप जाने Jamin Registry Kaise Hota Hai, जमीन रजिस्ट्री कैसे करवाएं, जमीन रजिस्ट्री कैसे चेक करें, , Jamin Registry Fee in Bihar इत्यादि। इससे सम्बंधित अन्य जानकारी के लिए हमें कमेंट करें। 

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