विवाह प्रमाण पत्र | Vivah Panjikaran | Marriage Certificate Form 2023

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आज के इस आर्टिकल में आप जानेंगे विवाह प्रमाण पत्र | Vivah Panjikaran | Marriage Certificate Form के बारे में। पूरी जानकारी के लिए आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़े।

विवाह प्रमाण पत्र | Marriage Certificate Form ?

विवाह प्रमाण पत्र विवाहित होने का प्रमाण होता हैं। उच्चतम न्यायलय के द्वारा वर्ष 2006 में विवाह का पंजीकरण करवाना अनिवार्य कर दिया हैं। भारत में विशेष विवाह अधिनियम 1955 या हिन्दू विवाह अधिनियम 1954 के अंतर्गत विवाह पंजीकरण किया जाता हैं। vivah praman patra सत्यापित करता हैं की युगम कानूनी रूप से शादीशुदा हैं। विवाह प्रमाण पत्र (विवाह प्रमाण पत्र ) के द्वारा विवाह की प्रमाणकता सिद्ध होती हैं। विवाह प्रमाण पत्र में वर तथा वधु का नाम, विवाह का स्थान, विवाह का तिथि, धर्म, जाति, इत्यादि विवाह प्रमाण पत्र पर अंकित होता हैं।

विवाह प्रमाण पत्र बनवाने के लिए जरुरी दास्तावेज | Document Marriage Certificate Form Filling 

vivah praman patra पंजीकरण कराने के लिए आवेदक के पास कुछ आवश्यक दास्तावेज होना जरुरी हैं।  जिसके आधार पर विवाह प्रमाण पत्र का पंजीकरण (Registration) किया जायेगा। विवाह प्रमाण पत्र के लिए जरुरी दास्तावेज का लिस्ट निचे दिया गया हैं। जो निम्न प्रकार से हैं:- 

  1. बिहार विवाह आवेदन फॉर्म (Marriage Application Form)
  2. शादी का प्रमाण पत्र, विवाह आमंत्रण कार्ड, स्वघोषणा पत्र।
  3. आधार कार्ड, राशन कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, मतदाता पहचान पत्र ।
  4. दूल्हा और दुल्हन के जन्म का प्रमाण पत्र या कोई भी जन्म/उम्र का साबुत ।
  5. दुल्हन और दुल्हन का आवासीय प्रमाण पत्र ।
  6. शादी की घटना के समय की फोटो: आवेदन प्रपत्र के साथ शादी की एक फोटो सलग्न करना आवश्यक है।
  7. पति और पत्नी के पासपोर्ट साईज के फोटो: ये फोटो आवेदन पत्र में निर्धारित स्थान पर पेस्ट की जाती है।

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विवाह प्रमाण पत्र बनवाने के लिए योग्यता

बिहार मैरिज सर्टिफिकेट के लिए पात्रता योग्यता मापदंड निम्न प्रकार से हैं निम्नलिखित हैं।

  1. आवेदक महिला दुल्हन 18 वर्ष और आवेदक पुरुष दूल्हा की आयु 21 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
  2. दोनों दम्पति विवाह के उपरांत ही विवाह प्रमाण पत्र के लिए आवेदन पंजीकरण कर सकते हैं।
  3. दम्पतियों को जिले में कम से कम 1 महीने तक रहना होगा। जिस जिला में विवाह पंजीकरण किया जायेगा।

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विवाह प्रमाण पत्र के लाभ | Marriage Certificate Benefit 

  • यह प्रमाण पत्र पति पत्नी के सबंध को प्रमाणित करता है।
  • पति या पति का पासपोर्ट बनाने के सहायक है।
  • यदि पति किसी दुसरे देश का नागरिक तब पत्नी को इस देश की नागरिकता दिलाता है।
  • पति की मृत्यु के बाद पत्नी को उसके अपना अधिकार दिलाने में मद्दत मिलता हैं।
  • यदि विवाह के बाद पत्नी का नाम बदल जाने के बाद जब पत्नी अपने सारे अभिलेखों में अपने नाम को इस प्रमाण पत्र की सहायता से दर्ज करा सकती है।
Important Download Link
Marriage Certificate Form Pdf 1 Download Download Form
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Marriage Certificate Affidavit FormDownload Affidavit
FAQ’s – Marriage Certificate Form

मैरिज सर्टिफिकेट कैसे बनाया जाता है?

इसके लिए आपको नगर पालिका के कार्यालय या रजिस्ट्री ऑफिस में जाना होगा उसके बाद आप वहां से विवाह प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करके अपना विवाह प्रमाण पत्र ले सकते हैं ।

विवाह पंजीयन क्यों जरूरी है?

कई कार्य को कराने के लिए विवाह पंजीकरण सर्टिफिकेट का जरुरी पड़ता हैं। 

विवाह अधिकारी कौन होता है?

विवाह अधिकारी वह व्यक्ति होता है, जिसे राज्य सरकार द्वारा सरकारी राजपत्र में अधिसूचना देने के बाद नियुक्त किया जाता है।

शादी के लिए सही उम्र क्या है?

आवेदक महिला दुल्हन 18 वर्ष और आवेदक पुरुष दूल्हा की आयु 21 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।

शादी के कितने दिन बाद रजिस्ट्रेशन कराना चाहिए?

14 दिनों के भीतर, राज्य की जन्म मृत्यु और विवाह की रजिस्ट्री में पंजीकृत कराना होता हैं, इसके बाद भी करा सकते हैं कुछ नियम में बदलाव होता हैं।
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